Wednesday, January 20, 2010

गुंडास्वामी , सत्ता-स्वामी

कल रात सुनसान गली में मिले मुझे इलाके के डान,
प्रणाम किया, हाथ जोड़े, विनती की, बख्श दो मेरी जान.

उस्ताद नया हूँ, मिला कोई शिकार आपको बातऊँगा,
आइन्दा भूलकर भी आपके रास्ते में ना आऊंगा.

बोले गुंडास्वामी, बख्श दिया तू नया नवेला है,
जा भाग, याद रख, आज से तू मेरा चेला है.

मिलें जो कहीं गुंडास्वामी, अवश्य झुक प्रणाम करें,
सत्ता में ये कल जाने कौन मंत्री का नाम धरें.

कुछ तो पहले गुंडे थे, अब सत्ता में नेता हो गए,
कुछ सत्ता पाकर इस समुदाय के प्रणेता हो गए.

1 comment:

----- श्रेष्ठ भारत ----- said...

शानदार अति सुंदर, आश्चर्य की एक भी कमेन्ट नहीं हो भला हो अङ्ग्रेज़ी और रॉम राज्य शासन का

आपको मेरा प्रणाम मुझे यहाँ मिले
http://www.facebook.com/shreshthbharat